Shayri:-दर्द-ऐ-दिल।

क्यों किसी से इतना प्यार हो जाता है; एक पल का इंतज़ार भी दुश्वार हो जाता है; लगने लगते हैं अपने भी पराये; और एक अजनबी पर ऐतबार हो जाता है।

मेरे सारे लेख यहाँ है? चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो; सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो; कुछ यूँ चला है तेरे 'इश्क' का जादू; सोते जागते तुम ही तुम नज़र आते हो। My facebook page

तेरे नाम को होंटो पर सजाया है मैंने; तेरे रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने; दुनिया तुम्हें ढूढ़ते-ढूढ़ते हो जायेगी पागल; दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने।

You tube राह ताकते हैं हम उनके इंतज़ार में; साँसे भरते हैं उनके एक दीदार में; रात न कटती है न होता है सवेरा; जबसे दिल के हर कोने में हुआ है आपका बसेरा। सुहागन विडियो डाउनलोड करे।

शाम के बाद मिलती है रात; हर बात में समाई हुई है तेरी याद; बहुत तनहा होती ये जिंदगी; अगर नहीं मिलता जो आपका साथ। चाँद निकलेगा तो दुआ मांगेंगे; अपने हिस्से में मुकदर का लिखा मांगेंगे; हम तलबगार नहीं दुनिया और दौलत के; हम रब से सिर्फ आपकी वफ़ा मांगेंगे।

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